रक्षा बंधन
प्रस्तावना त्यौहार मनाना पूरे मानव समाज की विशेष परम्परा रही है। वैसे तो कई देशों में कई प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं।
प्राचीन काल से ही मानव जीवन को अपने लौकिक और पारलौकिक दिशा निर्देश की की आवश्यकता रही हैं। इसके लिए हमारे ऋषि, मुनि और धर्मशास्त्रों ने हमारा मार्गदर्शन किया है।