शिक्षा का खराब स्तर
शिक्षा का खराब स्तर
दोस्तों, आज हम बात करेंगे भारत में शिक्षा के स्तर की खराब स्थिति के बारे में।
क्या आप जानते हैं कि हमारे देश भारत की शिक्षा के स्तर में बहुत ही खराब स्थिति है।
विश्व बैंक की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार भारत का शिक्षा का स्तर बहुत ही कमजोर हैं।
आपको आश्चर्य होगा कि भारत में दो तिहाई बच्चे बुनियादी शिक्षा भी प्राप्त नहीं कर पाते हैं।
आज हम इन्हीं बिंदुओं के आधार पर चर्चा करेंगे।
कि....
1.आखिर इसका कारण क्या है कि हम 21 वीं सदी में आने के बाद भी बेसिक शिक्षा में भी इतने पिछड़े हुए क्यों हैं? जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत विकासशील देशों की सूची में आता है। जहां पर अभी भी बेरोज़गारी, गरीबी जैसी भयानक समस्याएं व्याप्त हैं। जिसके कारण लोगों का जीवन स्तर भी निम्न है। लोगों की आय का शिक्षा के स्तर में वृद्धि के लिए बहुत बड़ा योगदान होता है। जाहिर सी बात है कि अगर व्यक्ति भूखा है तो सबसे पहले वह भूख को शांत करने के लिए प्रयास करेगा न कि शिक्षा प्राप्ति के लिए प्रयत्न करेगा।
इसलिए सरकार और सभी एनजीओ और अन्य बुद्धिजीवी लोगों गरीब, बेसहारा लोगों के जीवन स्तर को कैसे ऊंचा उठाया जाए इसके लिए प्रयत्न किए जाने चाहिए।
2. शिक्षा के खराब स्तर के कुप्रभाव क्या हैं?
जिस देश का शिक्षा का स्तर बहुत अच्छा नहीं होता है या बिल्कुल ख़राब होता है वहां पर बेरोज़गारी, गरीबी, अपराधिक गतिविधियां भी अधिक होती हैं।
3.इस समस्या से कैसे निपटा जा सकता है?
समाधान
इस समस्या से निपटने के लिए सरकार के साथ साथ आम जनता को भी अपना सहयोग देना होगा।
इसके लिए हमें पूर्ण संत की सत्संग की अति आवश्यकता होती हैं।
इस समय पूरे विश्व में केवल एक ही संत ऐसे हैं जो पूर्ण संत हैं। वे सभी पवित्र धर्म शास्त्रों को खोल खोल कर समझाते हैं। आप भी अवश्य देखिए साधना टीवी चैनल पर प्रसारित होने वाले संत रामपाल जी महाराज के सत्संग को रात 07.30 बजे
अधिक जानकारी के लिए विजिट करें www.jagatgururampalji.org
दोस्तों, आज हम बात करेंगे भारत में शिक्षा के स्तर की खराब स्थिति के बारे में।
क्या आप जानते हैं कि हमारे देश भारत की शिक्षा के स्तर में बहुत ही खराब स्थिति है।
विश्व बैंक की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार भारत का शिक्षा का स्तर बहुत ही कमजोर हैं।
आपको आश्चर्य होगा कि भारत में दो तिहाई बच्चे बुनियादी शिक्षा भी प्राप्त नहीं कर पाते हैं।
आज हम इन्हीं बिंदुओं के आधार पर चर्चा करेंगे।
कि....
1.आखिर इसका कारण क्या है कि हम 21 वीं सदी में आने के बाद भी बेसिक शिक्षा में भी इतने पिछड़े हुए क्यों हैं? जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत विकासशील देशों की सूची में आता है। जहां पर अभी भी बेरोज़गारी, गरीबी जैसी भयानक समस्याएं व्याप्त हैं। जिसके कारण लोगों का जीवन स्तर भी निम्न है। लोगों की आय का शिक्षा के स्तर में वृद्धि के लिए बहुत बड़ा योगदान होता है। जाहिर सी बात है कि अगर व्यक्ति भूखा है तो सबसे पहले वह भूख को शांत करने के लिए प्रयास करेगा न कि शिक्षा प्राप्ति के लिए प्रयत्न करेगा।
इसलिए सरकार और सभी एनजीओ और अन्य बुद्धिजीवी लोगों गरीब, बेसहारा लोगों के जीवन स्तर को कैसे ऊंचा उठाया जाए इसके लिए प्रयत्न किए जाने चाहिए।
2. शिक्षा के खराब स्तर के कुप्रभाव क्या हैं?
जिस देश का शिक्षा का स्तर बहुत अच्छा नहीं होता है या बिल्कुल ख़राब होता है वहां पर बेरोज़गारी, गरीबी, अपराधिक गतिविधियां भी अधिक होती हैं।
3.इस समस्या से कैसे निपटा जा सकता है?
समाधान
इस समस्या से निपटने के लिए सरकार के साथ साथ आम जनता को भी अपना सहयोग देना होगा।
इसके लिए हमें पूर्ण संत की सत्संग की अति आवश्यकता होती हैं।
इस समय पूरे विश्व में केवल एक ही संत ऐसे हैं जो पूर्ण संत हैं। वे सभी पवित्र धर्म शास्त्रों को खोल खोल कर समझाते हैं। आप भी अवश्य देखिए साधना टीवी चैनल पर प्रसारित होने वाले संत रामपाल जी महाराज के सत्संग को रात 07.30 बजे
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