Buddha
महात्मा बुद्ध कौन थे?
इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं कि जैसा हमें जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सत्संग से जानकारी मिली है। महात्मा बुद्ध स्वर्ग लोक से आए हुए एक बहुत ही पुण्यकर्मी आत्मा (प्राणी) थे। महात्मा बुद्ध राजा का लड़का था। महात्मा बुद्ध ने स्वर्ग में प्राप्त सुख की खोज में घर और राज को भी त्याग दिया। परमात्मा प्राप्ति के लिए वास्तविक आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति साधना देने वाला कोई संत उन्हें नहीं मिला। जिसके फलस्वरूप और पूर्व जन्म के संस्कार और पुण्य कर्म के आधार पर उसने मनाने ढंग से हठ योग करना शुरू कर दिया।] हठयोग द्वारा में उसने आहार भी त्याग दिया। गया (बिहार) के अंदर एक वट वृक्ष के नीचे बैठकर महीनों तक हठयोग साधना की। जिससे इनका शरीर भी अस्ती -पंजर ही शेष रह गया और मारणासन्न अवस्था में पहुंच गया।तब एक माई (माता) ने महात्मा बुद्ध को खीर चटाई। जिससे महात्मा बुद्ध के प्राण बच गए। उसके बाद उसने पेट भर कर अन्न का आहार किया। जिसके बाद उन्होंने अपना एक सिद्धान्त बना लिया कि भूखा रहने से परमात्मा प्राप्ति नहीं हो सकती है और उसे जनता में प्रचार करना शुरू कर दिया।
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